
वाशिंगटन, 29 सितंबर 2025 — मध्य-पूर्व में जारी खूनी संघर्ष को खत्म करने के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर एक विस्तृत 20-पॉइंट शांति योजना की घोषणा की है। यह योजना न केवल तत्काल युद्धविराम की बात करती है, बल्कि गाज़ा के पुनर्निर्माण, बंधकों की रिहाई, और भविष्य में स्थायी शांति व्यवस्था की दिशा में ठोस कदमों का खाका पेश करती है। ट्रंप ने इसे “ऐतिहासिक अवसर” करार देते हुए कहा कि अगर दोनों पक्ष इस पर सहमत होते हैं तो गाज़ा “विनाश से विकास” की ओर बढ़ सकता है।
युद्धविराम और बंधकों की रिहाई
योजना के पहले चरण में तत्काल युद्धविराम की व्यवस्था शामिल है। इज़राइल यदि इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लेता है तो 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें जीवित और मृत दोनों शामिल हैं। इसके बदले इज़राइल 250 आजीवन कारावास की सजा पाए कैदियों तथा लगभग 1,700 गाज़ाई बंदियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएँ और बच्चे प्रमुख होंगे। ट्रंप ने कहा कि “बंधकों की वापसी मानवीय आधार पर सबसे पहली शर्त है और इसके बिना स्थायी शांति की शुरुआत संभव नहीं।”
हमास को शर्तीय प्रस्ताव
योजना के अनुसार हमास के उन सदस्यों को माफी दी जाएगी, जो हथियार छोड़ने, हिंसा का त्याग करने और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने को तैयार हों। यदि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो उसे स्थानीय प्रशासन और पुनर्निर्माण कार्यों में शामिल किया जा सकता है। लेकिन यदि वह इन शर्तों से इंकार करता है तो प्रस्तावित व्यवस्था गाज़ा के उन इलाकों में लागू होगी जो हमास के नियंत्रण से बाहर होंगे। यह बिंदु सबसे विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक हमास की तरफ से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
“नया गाज़ा” की परिकल्पना
ट्रंप की योजना का सबसे बड़ा आकर्षण “New Gaza” का विचार है। इसके तहत गाज़ा में युद्ध से तबाह बुनियादी ढाँचे का पुनर्निर्माण किया जाएगा। बिजली, पानी, अस्पताल, सड़कें और स्कूलों की मरम्मत कर इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता से एक बड़े पुनर्निर्माण कोष की स्थापना होगी, जिसका उपयोग रोजगार सृजन और व्यापारिक अवसरों को बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि “गाज़ा के लोग शांति और विकास चाहते हैं, और यह योजना उन्हें गरीबी और हिंसा से बाहर निकालकर भविष्य की ओर ले जाएगी।”
अंतरराष्ट्रीय निगरानी और “Board of Peace”
योजना के तहत एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी परिषद “Board of Peace” बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता स्वयं ट्रंप करेंगे और इसमें वैश्विक नेताओं को शामिल करने का प्रस्ताव है, जिनमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का नाम भी चर्चा में है। यह बोर्ड गाज़ा के प्रशासनिक व पुनर्निर्माण कार्यों की देखरेख करेगा और सुनिश्चित करेगा कि तय शर्तों का पालन हो। इसके साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) की तैनाती होगी, जो गाज़ा में सुरक्षा बनाए रखेगा, सीमा क्षेत्रों को सुरक्षित करेगा और स्थानीय पुलिस बल को प्रशिक्षित करेगा।
गाज़ा का प्रशासनिक नियंत्रण
ट्रंप की योजना में गाज़ा का प्रशासनिक नियंत्रण एक अस्थायी तकनीकी समिति को सौंपने की बात कही गई है। इसमें राजनीतिक दलों की भागीदारी सीमित होगी, ताकि भ्रष्टाचार और ध्रुवीकरण से बचा जा सके। धीरे-धीरे यह नियंत्रण सुधारी गई फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे भविष्य में फ़िलिस्तीन की स्वायत्तता और राज्य निर्माण की राह आसान हो सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
अमेरिकी सहयोगी देशों ने इसे एक “बड़ा कदम” बताया है, लेकिन यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि शांति योजना तभी सफल होगी जब सभी पक्ष ईमानदारी से इसमें शामिल हों। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह “सही दिशा में प्रयास” है, लेकिन इसे लागू करना बेहद कठिन होगा। कई विश्लेषकों का मानना है कि योजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन वास्तविकता में इसका क्रियान्वयन आसान नहीं होगा।
कुल मिलाकर, ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली गाज़ा शांति योजना युद्ध को रोकने और भविष्य के लिए स्थायी समाधान खोजने का एक व्यापक प्रयास है। इसमें युद्धविराम, बंधकों की रिहाई, गाज़ा के पुनर्निर्माण, अंतरराष्ट्रीय निगरानी और धार्मिक संवाद जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। लेकिन इस प्रस्ताव की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हमास इसे स्वीकार करता है या नहीं। अगर सभी पक्ष सहयोग करते हैं तो यह योजना मध्य-पूर्व की दशकों पुरानी हिंसा को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है, अन्यथा यह सिर्फ़ कागज़ पर बनी एक और अधूरी कोशिश बनकर रह जाएगी।
